सोनू निगम पाकिस्तान में क्यों पैदा होना चाहते थे?

सोनू निगम ने बताया कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बदली है. खासकर म्यूज़िक इंडस्ट्री. पहले जहां सिंगर्स को पैसे मिलते थे, वहीं अब उन्हें म्यूज़िक कंपनियों को पैसे देने पड़ते हैं. सोनू ने बताया कि संगीत की दुनिया में नई रवायत ये आ गई है कि सिंगर्स के स्टेज शो या कॉन्सर्ट से जो भी पैसे आते हैं, उनमें म्यूज़िक कंपनियां भी अपना शेयर मांगती हैं. क्योंकि गानों के राइट्स उनके पास हैं. अगर आप उन्हें पैसे नहीं देंगे, तो आपको वो गाना इस्तेमाल नहीं करने देंगे. हालांकि ये सब लीगल तरीके से हो रहा है लेकिन गलत हो रहा है. उससे भी दिलचस्प बात ये कि ऐसा सिर्फ इंडियन सिंगर्स के साथ ही होता. पाकिस्तान के सिंगर्स के साथ ऐसा नहीं किया जाता. सोनू ने नाम लेते हुए आतिफ असलम और राहत फतेह अली खान का ज़िक्र किया कि इन सिंगर्स से कंपनियां पैसे नहीं लेती. इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर वो पाकिस्तान में ही पैदा हो जाते.

जब अपनी फिल्म में गवाने के लिए अनिल कपूर को सोनू को मनाना पड़ा

अभी हाल में अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन और राजकुमार राव स्टारर फिल्म ‘फन्ने खां’ रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म में शम्मी कपूर की फिल्म ‘प्रिंस’ का पॉपुलर गाना ‘बदन पे सितारे लपेटे हुए’ को रीमेक किया जाना था. इस गाने के ओरिजनल वर्ज़न को गाया था लिजेंड्री सिंगर मो. रफी ने. समस्या ये थी कि सोनू रफी साहब को अपना गुरु मानते हैं. इसलिए उनका गाना गाने से कतरा रहे थे. उन्होंने बिलकुल मना कर दिया कि वो अपने गुरु के गाने का क्रेडिट शेयर करना नहीं चाहते. वो गाना मो. रफी का था और उनका ही रहना चाहिए. लेकिन अनिल कपूर ने उन्हें समझाया कि इस फिल्म में उनका जो किरदार है, वो भी रफी साहब का फैन है और उनके ही गाने गाता है. इसलिए वो चाहते हैं अनिल के किरदार के लिए सोनू अपनी आवाज़ दें. अनिल कपूर के बहुत मनाने के बाद सोनू ने ये गाना गाया था.
मीटू पर सोनू भड़क क्यों गए?

इस बातचीत के दौरान ज़िक्र छिड़ गया मीटू कैंपेन का. इसका नाम सुनते ही सोनू भड़क गए. उनका कहना ये था कि ये आइडिया गलत नहीं है लेकिन इसका इस्तेमाल गलत तरीके से हो रहा है. इसका उन्होंने एग्ज़ांपल भी दिया. उन्होंने बताया कि एक महिला ने अनु मलिक पर हैरसमेंट का आरोप लगाया था. लेकिन सबूत के नाम पर उस महिला के पास कुछ नहीं था. सोनू ने ये भी बताया कि जिस महिला ने अनु पर ये आरोप लगाया था, उसके मैसेज भी अनु के फोन में हैं. वो हर त्यौहार पर उन्हें विश करती हैं. जब उन्हें अनु से इतनी सारी समस्याएं थीं, तो वो अनु को मैसेज क्यों करती थीं. इसके बाद उन्होंने कैलाश खेर से जुड़े इस तरह के आरोप का ज़िक्र किया. उन्होंने बताया कि जिस महिला ने कैलाश पर मीटू कैंपेन के तहत आरोप लगाया है, वो चाहती हैं कि दिल्ली में उनका शो नहीं हो. हालांकि उन्होंने अपना आरोप किसी भी सबूत की मदद से साबित नहीं किया है. सोनू ने कहा कि मान लीजिए कि गलती किसी की हो भी, तो उसका काम बंद करके सजा उसकी फैमिली को क्यों दी जाए. उनका मानना ये था कि जिस पर भी आरोप लगे हैं उस कलाकार को काम करने की मनाही नहीं होनी चाहिए. यही वो तरीका है, जहां से वो आदमी अपने परिवार के लिए रोटी कमाता है.

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